देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की छवि धूमिल करने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘उत्तराखंड पुलिस 112’ नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट संचालित करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का डांसिंग वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 20 वर्षीय लुकमान मलिक निवासी मोरोवाला, क्लेमेंटटाउन के रूप में हुई है। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिस में भर्ती होना चाहता था, लेकिन चयन न होने के बाद उसने पुलिस विभाग से जुड़ी फर्जी पहचान बनाकर सोशल मीडिया पर सक्रियता शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार लुकमान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से खुद की पुलिस वर्दी में कई तस्वीरें तैयार कीं और एक फर्जी पुलिस पहचान पत्र भी बनाया। हालांकि अब तक जांच में इस फर्जी पहचान पत्र के किसी दुरुपयोग की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर उत्तराखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कथित डांसिंग वीडियो वायरल होने लगा। जांच में पता चला कि वीडियो एआई तकनीक से तैयार किया गया था। इसके बाद 20 जून को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की सोशल मीडिया प्रभारी भावना कर्णवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद एसटीएफ ने तत्काल डिजिटल जांच शुरू की। जांच टीम ने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही और उसे क्लेमेंटटाउन क्षेत्र से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने ‘उत्तराखंड पुलिस 112’ नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और संचालित किया। उसने यह भी माना कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की तस्वीर का एआई वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। आरोपी ने बताया कि वह पुलिस वर्दी पहनकर फोटो और वीडियो बनाता था, ताकि लोगों पर प्रभाव डाल सके तथा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और आर्थिक लाभ हासिल कर सके।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट लॉग-इन मिला। मोबाइल की जांच में एआई जनरेटेड वीडियो, पुलिस वर्दी में तस्वीरें तथा फर्जी पुलिस पहचान पत्र की फोटो भी बरामद हुई। इसके अलावा आरोपी के घर से उत्तराखंड पुलिस की वर्दी से मिलती-जुलती ड्रेस और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ फर्जी पुलिस पहचान पत्र तैयार करने, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने तथा एआई तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। बरामद सामग्री को सीज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




