स्वरोजगार को मिलेगा सहारा: जनजाति परिवारों के लिए ऋण-अनुदान योजना शुरू, 40 लाभार्थियों का लक्ष्य, दो लाख तक की परियोजनाओं पर मिलेगा वित्तीय सहयोग

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रुद्रपुर। अनुसूचित जनजाति के परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में आर्थिक सहायता योजना के तहत जिले को 40 लाभार्थियों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रबंधक उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम अमल अनिरुद्ध ने बताया कि 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित जीविका अवसर प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र लोगों को ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि निर्धारित लक्ष्य विकास खंडवार आवंटित किए गए हैं। इनमें गदरपुर के लिए 4, बाजपुर के लिए 5, सितारगंज के लिए 12, काशीपुर के लिए 1, रुद्रपुर के लिए 1 तथा खटीमा के लिए 17 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सहायक समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र अनुसूचित जनजाति परिवारों के आवेदन पूर्ण कराकर 20 जुलाई 2026 तक जिला मुख्यालय में जमा कराना सुनिश्चित करें।

योजना के तहत 50 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी। परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये, जो भी कम होगा, अनुदान के रूप में देय होगा।

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का अनुसूचित जनजाति वर्ग का होना, जिले का स्थायी निवासी होना तथा परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही उसने पूर्व में निगम की किसी योजना से ऋण-अनुदान प्राप्त न किया हो और किसी बैंक, वित्तीय संस्था या सरकारी विभाग का बकायेदार न हो।

आवेदन पत्र दो प्रतियों में जमा करना होगा। इसके साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो पहचान पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा पासपोर्ट आकार के फोटो संलग्न करने होंगे। इच्छुक पात्र व्यक्ति स्वरोजगार के लिए निर्धारित तिथि तक आवेदन जमा कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

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