“प्लॉट बेचा ‘कर्जमुक्त’ बताकर, निकला बैंक के कब्जे में—गरीब परिवार से लाखों की ठगी, अब मिल रही जान से मारने की धमकी”

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ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र से जमीन धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार को प्लॉट बेचते समय कर्जमुक्त होने का झांसा दिया गया, लेकिन बाद में वह जमीन बैंक में बंधक निकली। पीड़िता ने न्यायालय की शरण लेते हुए कार्रवाई की मांग की है।

फुलसुंगा निवासी दीपा साहा ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में उन्होंने अपनी जमा पूंजी, गहने बेचकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर करीब 3.83 लाख रुपये में एक छोटा प्लॉट खरीदा था। विक्रेता दीपमाला गुप्ता और उनके पति मनीष कुमार ने उस समय जमीन को पूरी तरह से ऋणमुक्त बताया था। भरोसा कर पीड़िता ने उस पर मकान बनवाकर रहना शुरू कर दिया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ समय पहले बैंक कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बताया कि उक्त जमीन पहले से ही लोन के तहत बंधक है और उसकी किस्तें नहीं चुकाई जा रही हैं। यह सुनकर परिवार के होश उड़ गए और उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में आरोपियों से बात की तो उन्होंने गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी। साथ ही झूठे मुकदमों में फंसाने की भी चेतावनी दी गई।

दीपा साहा ने बताया कि उन्होंने फरवरी 2026 में थाना ट्रांजिट कैंप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर उन्होंने अब न्यायालय में धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

यह मामला एक बार फिर जमीन खरीद में सतर्कता और दस्तावेजों की गहन जांच की आवश्यकता को उजागर करता है, खासकर तब जब बात आम और मेहनतकश परिवारों की जीवन भर की कमाई की हो। अब सभी की नजरें न्यायालय के फैसले पर टिकी हैं।

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