कैंचीधाम में वर्दी पर दाग! युवती से छेड़खानी के आरोप में घिरे दो सिपाही, भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, चौकी पर फूटा गुस्सा

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कैंचीधाम मेले से पहले बवाल, छेड़खानी के आरोप में दो सिपाहियों की पिटाई

स्थानीय लोगों ने चौकी का घेराव किया, पुलिस व्यवस्था और बैरिकेडिंग पर भी जताया आक्रोश

गरमपानी/नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम के स्थापना दिवस मेले से ठीक पहले क्षेत्र में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर एक होमस्टे संचालक की बेटी से कथित छेड़खानी का आरोप लगा। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने दोनों सिपाहियों को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। इसके बाद भीड़ पुलिस चौकी पहुंच गई और कार्रवाई की मांग को लेकर घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, 15 जून को होने वाले कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले के मद्देनजर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसी दौरान मंदिर के समीप स्थित एक होमस्टे संचालक की बेटी ने दो सिपाहियों पर अभद्र व्यवहार और छेड़खानी का आरोप लगाया। आरोप सामने आते ही स्थानीय लोग और व्यापारी भड़क उठे। देखते ही देखते क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों ने आरोपित सिपाहियों को पकड़कर पुलिस चौकी तक पहुंचाया और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान चौकी के बाहर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।

घटना के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश केवल कथित छेड़खानी के आरोप तक सीमित नहीं रहा। व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने स्थापना दिवस मेले से तीन दिन पहले ही कैंचीधाम क्षेत्र तथा जिले की सीमाओं पर लागू किए गए यातायात प्रतिबंधों पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने समय से पहले बैरिकेडिंग कर क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।

उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने मामले की पुष्टि करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेले से ठीक पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस-जनता संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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