औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की पोल, प्रधानाध्यापक निलंबित
खटीमा के दो शिक्षकों व काशीपुर की शिक्षिका को नोटिस, सीईओ ने दी सख्त चेतावनी
खटीमा। ऊधम सिंह नगर के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने गुरुवार को विकासखंड खटीमा के विभिन्न सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परख ली। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में वित्तीय अनियमितताएं, गंदगी, कमजोर शैक्षिक स्तर और अभिलेखों में भारी लापरवाही सामने आने पर विभाग ने कठोर कार्रवाई की है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बानूसी में प्रधानाध्यापक नरेश कुकरेती उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर दर्ज होने के बावजूद निरीक्षण के समय विद्यालय से अनुपस्थित मिले। बाद में उनके विद्यालय पहुंचने पर वित्तीय अभिलेखों की जांच की गई, जिसमें व्यय संबंधी बिल-वाउचर व्यवस्थित नहीं पाए गए। साथ ही विद्यालय में पठन-पाठन की स्थिति भी असंतोषजनक मिली। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उप शिक्षा अधिकारी रुद्रपुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया।
वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेलाघाट में अत्यधिक गंदगी, शिक्षण कार्य का निम्न स्तर और अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर दोनों शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी को चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध किया जाए।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पूरी तरह बदहाल थी और प्रभारी प्रधानाध्यापक पेड़ के नीचे कुर्सी डालकर बैठे मिले। मध्याह्न भोजन पंजिकाओं में एसएमसी अध्यक्ष के हस्ताक्षर और प्रधानाध्यापक के सत्यापन का अभाव भी सामने आया।
इसके अलावा काशीपुर की शिक्षिका सर्वेश देवी को भी विभागीय समायोजन को लेकर समाचारपत्र में बयान देने पर नोटिस जारी किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने साफ कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, शैक्षिक गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।



