रुद्रपुर। ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ग्राहक को ऑर्डर किए गए मोबाइल के बजाय दूसरा और खराब फोन भेजना फ्लिपकार्ट को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, ऊधमसिंहनगर ने मामले में फ्लिपकार्ट को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार मानते हुए परिवादी को भुगतान की गई धनराशि लौटाने के साथ मानसिक क्षति और वाद व्यय की राशि देने का आदेश दिया है।
आयोग के समक्ष चेंबर नंबर-6, डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट कैंपस रुद्रपुर निवासी सुखेंद्र कुमार उर्फ सुखेन सरकार ने परिवाद दायर किया था। उनके अनुसार उन्होंने 23 अप्रैल 2023 को फ्लिपकार्ट के माध्यम से माइक्रोमैक्स 4402 4G फोन का ऑर्डर किया था। इसके लिए उन्होंने करीब 3,180 रुपये का भुगतान किया। 29 अप्रैल को डिलीवरी मिलने के बाद बॉक्स खोलने पर उसमें माइक्रोमैक्स का फोन नहीं, बल्कि दूसरी कंपनी का यूरेका प्लस मॉडल का फोन निकला। परिवादी का आरोप था कि फोन पुराना और खराब था तथा उसमें ऐप डाउनलोड नहीं हो रहे थे और बटन भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे।
परिवादी ने फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर और हेल्पलाइन पर शिकायत की, लेकिन उसे यह कहकर राहत नहीं दी गई कि ऑर्डर पर रिटर्न पॉलिसी लागू नहीं है। इसके बाद कानूनी नोटिस भेजा गया, जिसका भी जवाब नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग में शिकायत की गई।
फ्लिपकार्ट की ओर से तर्क दिया गया कि वह केवल ऑनलाइन मार्केटप्लेस और मध्यस्थ की भूमिका निभाता है तथा उत्पाद किसी तृतीय पक्ष विक्रेता ने बेचा था। आयोग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि फ्लिपकार्ट के प्लेटफार्म के माध्यम से बेचे गए उत्पाद के संबंध में उसकी जिम्मेदारी बनती है।
आयोग ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए भुगतान की गई 3,180 रुपये की राशि, मानसिक क्षति के लिए 10 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए 2 हजार रुपये देने का आदेश दिया। आदेश का पालन 45 दिन में नहीं करने पर आदेशित राशि पर 8 जून 2023 से भुगतान की तारीख तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देय होगा। भुगतान लेते समय परिवादी को संबंधित मोबाइल फ्लिपकार्ट को वापस करना होगा।




