रुद्रपुर। वाहन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर मालिकाना हक बदलने का मामला सामने आने के बाद एआरटीओ ऊधम सिंह नगर की ओर से पंतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मारुति सुजुकी डिजायर कार संख्या UK06AN-0807 के फर्जी तरीके से दो बार ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। जांच में वाहन का भौतिक चेसिस नंबर भी कार्यालय रिकॉर्ड से मेल नहीं खाया।
मामला तब सामने आया जब वाहन के मूल मालिक सहदेव कुमार पाल ने एआरटीओ कार्यालय में शिकायत की। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में कार खरीदी थी और उसे किसी को बेचा नहीं। इसके बावजूद बीमा नवीनीकरण के दौरान उन्हें पता चला कि कार किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है।
शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि वाहन को पहले मोहम्मद जफर और बाद में नीरज कुमार के नाम पर ट्रांसफर किया गया था। अधिकारियों को इस प्रक्रिया में दस्तावेजों को लेकर गड़बड़ी मिली।
इसके बाद एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने सुजुकी के तकनीकी कर्मचारियों के साथ वाहन की जांच की। भौतिक वाहन पर दर्ज इंजन और चेसिस नंबर का मिलान कार्यालय के रिकॉर्ड और मूल पत्रावली से कराया गया। जांच में चेसिस नंबर का रिकॉर्ड से मेल नहीं होना सामने आया।
परिवहन विभाग की जांच के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने असली मालिक सहदेव कुमार पाल के स्थान पर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर वाहन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई और निर्धारित फीस जमा की। इस तरह कागजी प्रक्रिया का इस्तेमाल कर वाहन का मालिकाना हक बदल दिया गया।
एआरटीओ कार्यालय की संस्तुति के आधार पर पंतनगर थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा वाहन ट्रांसफर कराने वाले व्यक्ति की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
