रुद्रपुर। काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विधायक शिव अरोरा ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य की पूरी प्रक्रिया शासन से बजट जारी होने और विभागीय टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि बिना बजट के कार्रवाई होने संबंधी दावे पूरी तरह भ्रामक हैं।
विधायक ने बताया कि विद्युत विभाग ने 4 फरवरी 2026 को पोल और बिजली लाइन शिफ्ट करने के लिए ई-निविदा आमंत्रित की थी। सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 10 अप्रैल को एजेंसी को कार्य आवंटित किया गया। विभाग ने खाली स्थानों पर पोल लगाने और लाइन शिफ्ट करने का कार्य भी शुरू किया, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटने से काम बीच में रुक गया।
उन्होंने कहा कि जल संस्थान ने 25 मार्च को पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए ई-टेंडर जारी किया था। 5 मई को तीन अलग-अलग एजेंसियों को लगभग 700-700 मीटर के कार्य आदेश दिए गए, ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। हालांकि अतिक्रमण बने रहने के कारण विभाग अपना कार्य शुरू नहीं कर सका।
शिव अरोरा ने बताया कि 23 जून 2026 को काशीपुर बाईपास चौड़ीकरण के लिए 13.72 करोड़ रुपये का शासनादेश जारी हुआ था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने 25 जून को ई-निविदा प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटते ही जल संस्थान, विद्युत विभाग और पीडब्ल्यूडी अपने-अपने कार्य शुरू कर देंगे।
विधायक ने बताया कि प्रभावित व्यापारियों को पहले ही नोटिस दिए गए थे और चार दिन पहले मुनादी कर 4 अगस्त तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर भी दिया गया था। इसके बाद 5 अगस्त को जिला प्रशासन के सहयोग से अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार और बजट स्वीकृति के बाद ही की गई है।




