रुद्रपुर/पंतनगर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ऊधमसिंह नगर में कृषि विकास और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। एक ओर पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन एवं “ब्रेन 3.0” कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, वहीं दूसरी ओर रुद्रपुर के गांधी मैदान में आयोजित “खेत बचाओ अभियान” के तहत 369.66 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
रुद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन बचेगा।” उन्होंने किसानों से मिट्टी की जांच कर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने घोषणा की कि मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा चौबटिया में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने की विशेष योजना, फसलों की सुरक्षा के लिए 65 करोड़ रुपये की फेंसिंग योजना तथा 104 करोड़ रुपये से ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ किसान ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव हैं। उन्होंने किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने तथा मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ब्याज मुक्त कृषि ऋण, सिंचाई, कृषि उपकरणों पर अनुदान और बागवानी को बढ़ावा देने जैसी योजनाओं के माध्यम से मजबूत कर रही है।
इससे पहले पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्व छात्र सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय को हरित क्रांति का गौरव बताते हुए कहा कि वह यहां सिखाने नहीं, बल्कि सीखने आए हैं। उन्होंने कहा कि पंतनगर ने देश को वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और नीति निर्माता दिए हैं, जिनका योगदान भारतीय कृषि के लिए अमूल्य है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, घटते भूजल स्तर और मिट्टी की उर्वरता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान और नवाचार को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व छात्रों से कृषि अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल कृषि और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि देश की हरित क्रांति का आधार रहा है। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया, संग्रहालय और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों के साथ धान की रोपाई में भी भाग लिया।
दोनों कार्यक्रमों में कृषि मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, किसान और बड़ी संख्या में पूर्व छात्र उपस्थित रहे।




