डीजीआर अधिकारी बनकर पूर्व सैनिकों से लाखों की ठगी, साइबर पोर्टल इनपुट पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व सैनिक के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

पूर्व सैनिकों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, एक पूर्व सैनिक पर मुकदमा दर्ज

कोतवाली पुलिस ने पूर्व सैनिकों को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक पूर्व सैनिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी खुद को डीजीआर (डायरेक्टोरेट जनरल रीसेटलमेंट) का फील्ड ऑफिसर बताकर पूर्व सैनिकों को अपने जाल में फंसाता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी डीजीआर में नौकरी के लिए बायोडाटा जमा करने वाले पूर्व सैनिकों की जानकारी हासिल करता था और फिर उन्हें सुरक्षा गार्ड व सुरक्षा अधिकारी की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर पैसे ऐंठता था। मामले का खुलासा गृह मंत्रालय की साइबर अपराध रोकथाम एजेंसी के पोर्टल से मिले इनपुट के आधार पर हुआ।

एसएसआई अनिल जोशी ने बताया कि साइबर सेल से पुलिस को म्यूल खातों की एक सूची मिली थी। जांच के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सिविल लाइन शाखा, रुद्रपुर में जितेन्द्र सिंह असवाल के नाम से दर्ज एक खाता संदिग्ध पाया गया। यह खाता संयुक्त था, जिसमें करीब 31 हजार रुपये होल्ड मिले। आरोपी मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले का रहने वाला है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पहले सेना में सेवाएं दे चुका है और बाद में डीजीआर में कार्यरत रहा। इसी दौरान उसे पूर्व सैनिकों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां मिल जाती थीं। पैसों की जरूरत पड़ने पर उसने खुद को डीजीआर का फील्ड ऑफिसर बताकर पूर्व सैनिकों को फोन करना शुरू किया। आरोपी ने बताया कि उसने करीब 8 से 10 पूर्व सैनिकों से ढाई से तीन लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर वसूले।

एसएसआई अनिल जोशी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि 14C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) पोर्टल पर आरोपी के खाते से जुड़ी पहले से पांच साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। इनमें उत्तराखंड के चमोली जिले के अलावा दिल्ली, बिहार और अरुणाचल प्रदेश की शिकायतें शामिल हैं।

चमोली जिले के एक पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे गूगल पे के जरिए 20 हजार रुपये लिए, लेकिन न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर मांगे जा रहे पैसों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेन-देन की तुरंत सूचना पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।