टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें, चुनावी मैदान में उतरने को लेकर उठने लगे सवाल
रुद्रपुर। उत्तराखंड कैडर के 2007 बैच के चर्चित आईएएस अधिकारी दीपक रावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई वायरल वीडियो या प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनीति में संभावित एंट्री को लेकर शुरू हुई चर्चाएं हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की एक टिप्पणी ने इन अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि, दीपक रावत के राजनीति में आने को लेकर अभी कोई आधिकारिक संकेत या घोषणा नहीं हुई है।
दरअसल, सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी दौरे पर पहुंचे थे। हेलीपैड पर कुमाऊं कमिश्नर एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह खेड़ा के हाथों से फूलों का गुलदस्ता लेते हुए मुख्यमंत्री ने दीपक रावत की ओर इशारा कर कहा कि आने वाले दिनों में कमिश्नर साहब को भी ऐसे ही आना है। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोग मुस्कुराने लगे। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में दीपक रावत की सियासी पारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। दीपक रावत मूल रूप से पौड़ी नहीं, बल्कि रुद्रप्रयाग जिले के लोली गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म 14 सितंबर 1977 को हुआ था। उन्होंने मसूरी के सेंट जॉर्ज कॉलेज से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इतिहास में स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से परास्नातक किया। आईएएस बनने से पहले वह भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी भी रह चुके हैं।
दीपक रावत गढ़वाल मंडल के रहने वाले हैं, लेकिन कुमाऊं में भी लंबे समय तक प्रशासनिक सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में यदि भविष्य में वह राजनीति में कदम रखते हैं तो किस क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरेंगे, यह सवाल भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने ही उनकी संभावित सियासी पारी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।
