सीएम घोषणाओं पर डीएम सख्त: 24 योजनाएं लंबित, अब गांव-गांव पहुंचेगा वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन; 78 क्लस्टरों में बनेगी नई वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था, अधिकारियों को समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

Share the news

सीएम घोषणाओं में तेजी लाने के निर्देश, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम

डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 78 क्लस्टरों में विकसित होगी कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था

रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में मुख्यमंत्री घोषणाओं और विकास योजनाओं को लेकर प्रशासन ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। मंगलवार को जिला सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम घोषणाएं, जिला योजना, आजीविका एवं रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा 25 सूत्रीय कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद के लिए कुल 399 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 155 पूरी हो चुकी हैं, जबकि केवल 24 घोषणाएं जिला स्तर पर लंबित हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इन कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

बैठक में रुद्रपुर में बंग भवन निर्माण, खेड़ा क्षेत्र में पर्यावरण मित्रों के लिए आवास निर्माण तथा मानसखंड कॉरिडोर के अंतर्गत शिव मंदिर सौंदर्यीकरण कार्य की डीपीआर सात दिनों में तैयार करने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए गए। वहीं ग्रामीण निर्माण विभाग को तीन ग्रामीण सड़कों की डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया।

डीएम ने जसपुर और खटीमा में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण हेतु भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सितारगंज के शक्तिफार्म राजकीय इंटर कॉलेज और खटीमा के टीडीसी परिसर में खेल मैदान निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा गया।

25 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में नए “सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026” मॉडल को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि अब शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक और संगठित कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए क्लस्टर आधारित मॉडल तैयार किया जा रहा है।

पीडी हिमांशु जोशी ने बताया कि जनपद की 373 ग्राम पंचायतों को जोड़ते हुए 10 से 12 हजार आबादी पर एक क्लस्टर बनाया जाएगा और जिले में 78 से अधिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इन क्लस्टरों के माध्यम से कूड़ा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके साथ ही जिला और तहसील स्तर पर मॉनिटरिंग सेल गठित कर कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *