पीएनबी अधिकारी बनकर रिटायर्ड दरोगा से 29 लाख की साइबर ठगी व्हाट्सएप पर फर्जी एप भेजकर खाते से नौ ट्रांजेक्शन में उड़ाई जमापूंजी, मुकदमा दर्ज

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साइबर ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर एक सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक को 29 लाख रुपये से अधिक की चपत लगा दी। ठगों ने पीएनबी अधिकारी बनकर फोन किया और बैंकिंग सेवा सक्रिय कराने के बहाने मोबाइल पर एक फर्जी एप भेज दिया। एप में जानकारी भरते ही साइबर अपराधियों ने दो दिनों में नौ अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से 29,00,022 रुपये निकाल लिए। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र, रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार काशीपुर के गढ़वाल सभा, जसपुर खुर्द निवासी 62 वर्षीय सुधेश कुमार, जो पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं, का पंजाब नेशनल बैंक की माता मंदिर रोड शाखा में संयुक्त खाता है। आरोप है कि छह जून को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को पीएनबी का अधिकारी बताते हुए खाते को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पीएनबी वन ई-बैंकिंग एप डाउनलोड करने की सलाह दी।

आरोपित ने व्हाट्सएप के माध्यम से पीएनबी वन नाम से एक फाइल भेजी और उसे खोलकर ऑनलाइन फार्म भरने को कहा। पीड़ित ने बताए अनुसार जानकारी दर्ज कर दी, लेकिन एप सही तरीके से काम नहीं कर रही थी। इस पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने एप का उपयोग बंद कर दिया।

अगले दिन जब उन्होंने मोबाइल देखा तो खाते से बड़ी रकम कटने के संदेश मिले। जांच करने पर पता चला कि छह और सात जून के बीच आईएमपीएस और आरटीजीएस के माध्यम से नौ ट्रांजेक्शन कर कुल 29,00,022 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।

घटना का पता चलते ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को सूचना देकर खाता सीज कराया। तहरीर के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ट्रांजेक्शन से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से किसी भी अनजान लिंक, एप या फाइल को डाउनलोड न करने और बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है।

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