रुद्रपुर। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करीब 92.04 लाख की ऑनलाइन ठगी के चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी को हरियाणा की भोंडसी जेल से वारंट-बी पर लाकर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों और वित्तीय नेटवर्क की जांच अभी जारी है।
एसटीएफ के अनुसार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र, रुद्रपुर में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान रवि पाटवा (26) निवासी अकोला, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) की संलिप्तता सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी पहले से ही हरियाणा के गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल में एक अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामले में निरुद्ध था। इसके बाद न्यायालय से वारंट-बी प्राप्त कर एसटीएफ की टीम उसे रुद्रपुर लेकर आई।
पुलिस के मुताबिक रानीखेत निवासी पंकज कुमार सती से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर खुद को एक प्रतिष्ठित निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया गया। उन्हें शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर एक मोबाइल एप डाउनलोड कराई गई। इसके बाद 18 मार्च से 30 अप्रैल 2025 के बीच शेयर खरीदने, सर्विस फीस और पेनाल्टी के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में 15 ट्रांजेक्शन के जरिए ₹92,04,775 जमा करा लिए गए। एप में करोड़ों रुपये का मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन निकासी का प्रयास करने पर और धन की मांग की गई। तब पीड़ित को साइबर ठगी का एहसास हुआ और मामला दर्ज कराया गया।
एसटीएफ ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और लाभार्थी खाताधारकों के बयानों के आधार पर आरोपी की भूमिका सामने आई। आरोपी के विरुद्ध हरियाणा और उत्तराखंड में साइबर धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ का झांसा देने वाले व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया समूहों पर भरोसा न करें और किसी भी साइबर ठगी की सूचना तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर दें।



