रुद्रपुर। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ऊधमसिंह नगर पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में संदिग्ध म्यूल बैंक खातों का खुलासा करते हुए तीन खाताधारकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं। गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के समन्वय (Samanvaya) पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर हुई जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, निकालने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के ग्राम बिंदूखेड़ा निवासी गुरजंट सिंह के नाम आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की आवास विकास शाखा में खोले गए खाते में चार अप्रैल से 18 जून 2026 के बीच यूपीआई के माध्यम से बड़ी संख्या में संदिग्ध लेनदेन हुए। इस खाते के खिलाफ देहरादून, महाराष्ट्र, फरीदाबाद और अरुणाचल प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की कई शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज मिलीं। जांच में खाते का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में होना पाया गया।
दूसरे मामले में रुद्रपुर के पुराना खेड़ा वार्ड-5 निवासी सूरज गंगवार के यूनियन बैंक खाते के खिलाफ महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश से चार साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें मिलीं। जांच में सामने आया कि खाते से 1.98 लाख रुपये से अधिक की विवादित धनराशि विभिन्न माध्यमों से निकाली गई। पुलिस का आरोप है कि खाते का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त रकम के रिसीवर के रूप में किया जा रहा था।
वहीं तीसरे मामले में भूरारानी रोड स्थित शक्ति कॉम्प्लेक्स निवासी अनुराग कश्यप के बैंक खाते में साइबर धोखाधड़ी से जुड़े 9.50 लाख रुपये पहुंचने का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि अधिकांश रकम चेक के माध्यम से निकाली गई। पुलिस के अनुसार यह खाता भी साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि खाताधारक किसी संगठित साइबर गिरोह का हिस्सा थे या कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करा रहे थे। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रुद्रपुर के तीन खातों में देश भर की साइबर ठगी को किया गया जमा, अब कसा शिकंजा, पुलिस और साइबर क्राइम पुलिस ने की यह कार्रवाई




