रुद्रपुर। शहर की सड़कों पर रविवार को कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाला घटनाक्रम सामने आया। दिनदहाड़े तलवार, चाकू और बेसबॉल के डंडे लेकर पहुंचे तीन बदमाशों ने एक व्यक्ति को घेर लिया और उस पर हमला बोल दिया। हथियार लहराते बदमाशों को देखकर सड़क पर दहशत फैल गई। आरोप है कि हमलावरों ने युवक को जान से मारने की नीयत से हमला किया। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना ने पुलिस की कार्रवाई और अपराधियों के बीच कानून के खौफ पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आरोप है कि हमलावरों में शामिल कुछ बदमाशों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब इनके खिलाफ मुकदमों की फेहरिस्त है तो फिर हथियार लेकर सड़क पर उतरने की नौबत कैसे आई? क्या अपराधियों को पुलिस का डर नहीं रहा या निगरानी तंत्र कहीं कमजोर पड़ गया?
मामले में गगन रतनपुरिया का नाम भी सामने आ रहा है। पूर्व में पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। इसके बाद अस्पताल से निकलते समय उसके कथित तौर पर भांगड़ा करने का वीडियो सामने आया था, जिसे लेकर उस समय भी पुलिस की कार्रवाई चर्चा में रही थी। अब एक बार फिर उसका नाम सामने आने से पुलिस के सामने पुराने सवाल खड़े हो गए हैं।
किच्छा के बाद रुद्रपुर में सड़क पर हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन पुलिस के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है। शहरवासियों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि अगर आपराधिक छवि वाले लोगों पर समय रहते सख्त शिकंजा नहीं कसा गया तो आम आदमी सड़क पर खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा।
अब पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ आरोपियों को पकड़ने की नहीं, बल्कि यह साबित करने की भी है कि शहर में कानून का राज है और सड़क पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके आपराधिक इतिहास की जांच और संभावित गुंडा एक्ट, जिला बदर व गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।
