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रुद्रपुर। किच्छा के टीचर्स कॉलोनी में वर्ष 2018 में हुए दोहरे हत्याकांड पर करीब सात साल बाद अदालत का फैसला आया है। रुद्रपुर की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (अपर सत्र न्यायाधीश) ने अवतार सिंह उर्फ बिट्टू को अपनी पत्नी चरनजीत कौर और सौतेली बहू मनदीप कौर की हत्या का दोषी करार दिया है। वहीं, दुष्कर्म के आरोप में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उसे इस आरोप से दोषमुक्त किया है।
मामला 27 दिसंबर 2018 का है। अदालत में सामने आई पारिवारिक पृष्ठभूमि के मुताबिक चरनजीत कौर की पहली शादी से बेटा मंजीत सिंह था। बाद में चरनजीत कौर ने अवतार सिंह से विवाह किया। इस रिश्ते से अवतार, मंजीत का सौतेला पिता और मनदीप का सौतेला ससुर था।
वारदात के दिन मंजीत सिंह वैष्णो देवी यात्रा पर गया हुआ था। घर में उसकी पत्नी मनदीप कौर और मां चरनजीत कौर मौजूद थीं। आरोप था कि इसी दौरान अवतार सिंह ने दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घर पर बाहर से ताला लगाया और चाबी पड़ोसी को देकर फरार हो गया।
मुकदमे में घटनास्थल से मिले तार, खून लगे कपड़े, डीएनए और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को अहम माना गया। अदालत ने हत्या के आरोप में दोषसिद्धि की है। सजा पर आदेश होना बाकी है।
हत्या के बाद मामला सिर्फ दो मौतों तक सीमित नहीं रहा। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मृतकों के गहने उतारकर कपड़े के बैग में रखे और उन्हें अपनी बेटी के घर छिपा दिया था। वारदात के बाद वह घर पर ताला लगाकर चाबी पड़ोसी को सौंपकर निकल गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। निर्णय दस्तावेज के अनुसार, 10 जनवरी 2019 की शाम करीब 6:10 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सिडकुल तिराहा, रुद्रपुर के पास घेराबंदी कर अवतार सिंह को गिरफ्तार किया। इसके बाद बरामदगी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मुकदमे की जांच में शामिल किया गया।
