नशे और साइबर अपराधों के खिलाफ ऊधमसिंहनगर पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान

जनपद ऊधमसिंहनगर में युवाओं को नशे और साइबर खतरों से बचाने के लिए पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।

नशे के खिलाफ मुहिम: स्कूलों और कॉलेजों में पहुंची पुलिस

पुलिस टीमों ने जिले के कई स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जाकर छात्रों से संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। युवाओं को बताया गया कि मादक पदार्थों की लत किस तरह उनके स्वास्थ्य, भविष्य और परिवार को नुकसान पहुंचा सकती है।

छात्रों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि नशा किस तरह अपराध की ओर धकेल सकता है और समाज के लिए खतरा बन सकता है।

साइबर सुरक्षा पर फोकस: डिजिटल खतरों से बचाव की सीख

अभियान के दूसरे चरण में साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष कार्यक्रम चलाया गया। रुद्रपुर स्थित ऑक्सफोर्ड एकेडमी में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान छात्रों और शिक्षकों को साइबर अपराधों की विस्तृत जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह की ठगी, ब्लैकमेलिंग, साइबर बुलिंग, स्टॉकिंग, ग्रूमिंग और साइबर स्लेवरी जैसे खतरे मौजूद हैं।

छात्रों को बताया गया कि सोशल मीडिया पर सावधानी से कैसे व्यवहार करें, निजी जानकारी को कैसे सुरक्षित रखें और ऑनलाइन गेमिंग के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखें।

साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दी जा सके।

पुलिस की अपील: सावधानी ही सुरक्षा है

ऊधमसिंहनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने बच्चों को भी नशे व साइबर अपराधों के खतरे से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

पुलिस का मानना है कि जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज की नींव रखता है। यह अभियान जनपद को नशामुक्त और साइबर सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास है।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा का संदेश

> “युवाओं को गलत राह पर जाने से रोकने के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। नशा और साइबर अपराध जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक करना समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है। इस अभियान का लक्ष्य एक सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक समाज का निर्माण करना है।”