रुद्रपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने लंबे समय से फरार चल रहे फर्जी लाइसेंस नेटवर्क के कथित सरगना को रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सदानंद शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र स्थित अनावा गांव का निवासी है। उसके खिलाफ फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी रुद्रपुर क्षेत्र में आने वाला है। इसके बाद टीम ने रणनीतिक घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। प्रारंभिक जांच में आरोपी के बैंक खातों में करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये का लेन-देन सामने आया है, जिसे फर्जी लाइसेंस और हथियारों के अवैध कारोबार से जुड़ा माना जा रहा है।
एसएसपी ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ अब तक तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और नौ आरोपियों को जेल भेजा गया है। कार्रवाई के दौरान 14 अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं, जिनमें ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन, राइफलें, पिस्टल, रिवॉल्वर तथा बड़ी मात्रा में कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा कई संदिग्ध और कूटरचित शस्त्र लाइसेंस भी बरामद किए गए हैं।
संविदा कर्मियों की मिलीभगत से तैयार किए गए फर्जी लाइसेंस
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने शाहजहांपुर जिला प्रशासन कार्यालय से जुड़े कुछ संविदा कर्मियों के साथ मिलकर पुराने और निष्क्रिय यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) का दुरुपयोग किया। इन नंबरों को ऑनलाइन प्रणाली में अपलोड कर फर्जी लाइसेंसों को वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार बाद में इन दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में लाइसेंस तैयार कर लोगों को मोटी रकम लेकर बेचा गया।
सत्यापन अभियान जारी, सरेंडर का दिया मौका
एसटीएफ ने बताया कि बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन किया जा रहा है। फर्जी लाइसेंसों को राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा मानते हुए अभियान को तेज किया गया है। पुलिस ने ऐसे लोगों से अपील की है जिनके पास संदिग्ध या फर्जी लाइसेंस हैं, वे कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए स्वेच्छा से अपने हथियार और दस्तावेज पुलिस के समक्ष जमा कर सकते हैं।




