रुद्रपुर। वार्ड नंबर एक के शिमला बहादुर क्षेत्र में शुक्रवार को कमरे के भीतर मैगी बनाते समय छोटे एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव होने के कारण अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से पिता और उनके दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। परिजन और आसपास के लोग तीनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, नितेश ममगाई अपने बच्चों आदि (9) और इशिका (11) के साथ कमरे में थे। बच्चों के लिए मैगी बनाते समय छोटे एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव हो गया। देखते ही देखते कमरे में आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से नितेश और दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाने का प्रयास किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए बरेली के राममूर्ति अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजनों में भी चिंता का माहौल है।
घटना की जानकारी मिलने पर महापौर विकास शर्मा और वार्ड पार्षद पवन राणा अस्पताल पहुंचे। दोनों ने घायलों का हालचाल जाना और परिजनों से घटना की जानकारी ली। महापौर ने घायलों के बेहतर उपचार के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर में जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज भी है, लेकिन अब तक यहां बर्निंग यूनिट शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों में रेफर करना पड़ता है। वह जल्द स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री से वार्ता कर मेडिकल कॉलेज में बर्निंग यूनिट शुरू कराने का प्रयास करेंगे, ताकि भविष्य में आग से झुलसे मरीजों को उपचार के लिए बाहर न भेजना पड़े।



