बाजपुर। विद्यालय समय में शिक्षण कार्य छोड़कर आराम फरमाना और मिड-डे-मील (एमडीएम) योजना में अनियमितता करना दो शिक्षकों को भारी पड़ गया। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) ऊधम सिंह नगर हरेंद्र कुमार मिश्रा ने गंभीर लापरवाही के दोषी पाए गए दो सहायक अध्यापकों की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार विकासखंड बाजपुर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक चंद्रशेखर तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय मड़ैयाहट्टू के सहायक अध्यापक बृजपाल के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। दोनों शिक्षकों के विद्यालयों का 8 सितंबर 2025 को उप शिक्षा अधिकारी बाजपुर द्वारा औचक निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान दोनों शिक्षक कक्षाओं में शिक्षण कार्य कराने के बजाय पंखे के नीचे बैठे आराम करते पाए गए। वहीं कक्षाएं शिक्षक विहीन मिलीं और विद्यार्थियों की उपस्थिति के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि मिड-डे-मील योजना में छात्रों की संख्या बढ़ाकर दर्शाई जा रही थी, जिससे सरकारी धनराशि के दुरुपयोग की आशंका बनी। इसके अलावा विद्यालयों में शिक्षा का स्तर भी बेहद निम्न पाया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब संतोषजनक न मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी खटीमा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए।
जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी एक वेतन वृद्धि रोक दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी शिक्षक द्वारा इस प्रकार की लापरवाही या सरकारी योजनाओं में अनियमितता बरती गई तो उससे भी अधिक कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।




