बेलबाबा में हाईकोर्ट के लिए जमीन हस्तांतरण को कैबिनेट की मंजूरी, कुछ दिन पहले ही लगाए गए थे शीशम, खैर, जामुन और नीम के पौधे
हल्द्वानी। आखिरकार नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने की दिशा में बड़ा कदम उठ गया है। शुक्रवार को कैबिनेट ने बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट के लिए 30 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरित करने को मंजूरी दे दी। हालांकि, प्रस्तावित जमीन के चयन के साथ ही पर्यावरण से जुड़ा एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। प्लाट नंबर 46 और 47 की करीब 73 हेक्टेयर जमीन में से 30 हेक्टेयर भूमि चयनित की जानी है। इसी हिस्से में हाल ही में करीब 15 हजार पौधे लगाए गए हैं। जमीन चयनित होने के बाद इन पौधों को हटाना पड़ेगा।

मानसून सीजन शुरू होने के बाद बेलबाबा मंदिर के सामने खाली वनभूमि पर वन विभाग की ओर से पौधरोपण किया गया था। इसी क्रम में प्लाट नंबर 46 और 47 में भी पौधे लगाए गए। सूत्रों के मुताबिक, यहां प्रति हेक्टेयर करीब 500 पौधे लगाए गए हैं। इनमें शीशम, खैर, जामुन, नीम, बेल समेत कई प्रजातियां शामिल हैं। अब हाईकोर्ट के लिए इसी क्षेत्र से 30 हेक्टेयर जमीन चुनी जानी है। ऐसे में करीब 15 हजार पौधों पर संकट मंडरा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक एक हेक्टेयर में 500 पौधे लगाने पर करीब दो से ढाई लाख रुपये खर्च आता है। इसमें जुताई, तार-खंभे, मेड़बंदी, बीज, पौधों की खरीद और मजदूरी शामिल है। इस हिसाब से 30 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण पर करीब 60 से 75 लाख रुपये तक खर्च होने का अनुमान है।
वहीं वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी आसान नहीं होगी। सामान्य तौर पर 2.25 हेक्टेयर से अधिक वनभूमि के हस्तांतरण के लिए केंद्रीय वन मंत्रालय की मंजूरी जरूरी होती है। प्रक्रिया रेंज स्तर से शुरू होकर डिवीजन, सर्किल और मुख्यालय तक जाती है, जिसके बाद प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाता है। हालांकि मामला हाईकोर्ट से जुड़ा होने के कारण वन विभाग के अधिकारी फिलहाल प्रक्रिया पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उच्च स्तर से मिले निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।




