बीमा क्लेम टालने पर इंश्योरेंस कंपनी को फटकार, उपभोक्ता आयोग ने दिलाया न्याय, पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत विधवा को दो लाख रुपये, क्षतिपूर्ति और वाद व्यय देने का आदेश

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काशीपुर/रुद्रपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, ऊधमसिंहनगर ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए मृतक खाताधारक की पत्नी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत बीमा क्लेम का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को दो लाख रुपये की बीमा राशि के साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए पांच हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये अदा करने के निर्देश दिए हैं।

मामला काशीपुर क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा पांडे निवासी बतूल बेगम से जुड़ा है। उनके पति मोहम्मद शरीफ का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में बचत खाता था, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रीमियम जमा किया गया था। वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद बतूल बेगम ने बैंक के माध्यम से सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित बीमा दावा प्रस्तुत किया, लेकिन लंबे समय तक क्लेम का निस्तारण नहीं किया गया।

सुनवाई के दौरान यूनियन बैंक ने आयोग को बताया कि प्रीमियम राशि समय पर बीमा कंपनी को भेजी गई थी तथा दावा प्रपत्र भी ई-मेल के माध्यम से अग्रेषित कर दिया गया था। वहीं बीमा कंपनी ने दावा समय पर प्राप्त न होने और कुछ तकनीकी कमियों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया।

आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे और सदस्या डॉ. मनीला की पीठ ने बीमा कंपनी की दलीलों को अस्वीकार करते हुए कहा कि केवल तकनीकी आधारों पर वास्तविक दावों को खारिज नहीं किया जा सकता। आयोग ने राष्ट्रीय और राज्य उपभोक्ता आयोगों के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि उपभोक्ता हित सर्वोपरि हैं।

आयोग ने आदेश दिया कि 45 दिनों के भीतर भुगतान किया जाए, अन्यथा परिवाद दायर होने की तिथि से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

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