रुद्रपुर/देहरादून:
उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों एक कथित पत्र को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह विवाद उस पत्र के बाद उभरा है, जो सोशल मीडिया पर अरविंद पांडे के नाम से वायरल हो रहा है। गोदियाल ने दावा किया है कि यह पत्र गदरपुर विधायक पांडे के लेटरपैड पर लिखा गया है और इसमें उनके हस्ताक्षर भी हैं।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि इस पत्र में मुख्यमंत्री धामी पर पिछले चार वर्षों से राजनीतिक षड्यंत्र रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 13 मार्च 2025 को बाजपुर थाने में एक कथित फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि 20 जनवरी 2026 को पांडे के परिवार पर दबाव बनाने के लिए जमीन कब्जाने का झूठा मामला दर्ज करने की बात भी पत्र में कही गई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, पत्र में पुलिस अधिकारियों की भूमिका, एसएसपी के जरिए धमकाने के आरोप और वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह नामधारी का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही, पांडे ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
गोदियाल ने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत लेकर राज्यपाल से समय मांगते रहे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल राजनीतिक कारणों से मुलाकात का समय नहीं दे रहे हैं, जिसके चलते अब यह मुद्दा सार्वजनिक किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता पक्ष का विधायक ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। गोदियाल ने सरकार पर “कागजों में विकास” दिखाने का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल, वायरल पत्र की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने राज्य की राजनीति में नए विवाद को जन्म दे दिया है।




