रुद्रपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर शिक्षा विभाग के दावों की उस समय पोल खुल गई, जब मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जसपुर क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय उमरपुर और राजकीय इंटर कॉलेज बढ़ियोवाला का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में दोनों विद्यालयों में ऐसी अनियमितताएं मिलीं, जिन पर सीईओ ने जिम्मेदारों से सीधे स्पष्टीकरण तलब कर लिया। 25 अगस्त को किए गए निरीक्षण के बाद 27 अगस्त को जारी नोटिस में तीन कार्यदिवस के भीतर साक्ष्यों समेत जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
उमरपुर में पढ़ाई का स्तर देखकर अफसर भी हैरान
राजकीय प्राथमिक विद्यालय उमरपुर में अधिकांश बच्चों का प्रवेश आयु के आधार पर नहीं किया गया। कक्षा चार और पांच के अधिकांश छात्र ठीक से हिंदी पढ़ने में सक्षम नहीं मिले। जोड़-घटाव के सवालों में भी बच्चे कमजोर पाए गए। विद्यालय में पुरानी स्टॉक पंजिका नहीं मिली, जबकि 31 मार्च 2024 को बनाई गई नई पंजिका में सामान की खरीद की कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं थी। पिछले दो-तीन वर्षों में बच्चों के लिए खरीदी गई पाठ्य-पुस्तकों से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। दो छात्रों की टीसी काटे जाने के बावजूद उसकी प्रति विद्यालय में नहीं मिली।
बढ़ियोवाला इंटर कॉलेज में भी रिकॉर्ड पर सवाल
राजकीय इंटर कॉलेज बढ़ियोवाला में भी निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आईं। छात्रों की उपस्थिति से लेकर अभिलेखों के रखरखाव तक व्यवस्था सवालों के घेरे में रही। विद्यालय में खरीदी गई सामग्री का पूरा विवरण, स्टॉक पंजिका की प्रति और सामान की फोटो समेत मांगे गए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। साथ ही संबंधित प्रशासनिक अभिलेखों में भी कमियां पाई गईं।
तीन दिन में जवाब नहीं तो कार्रवाई
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। नोटिस के बाद अब जिम्मेदारों के जवाब पर विभाग की अगली कार्रवाई टिकी है।
