अब रिफ्रेशर कोर्स के बिना एक्टिव नहीं होगा सस्पेंड लाइसेंस
देहरादून। यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए अब नियम और सख्त हो गए हैं। भारत सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बहाली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नया नियम लागू कर दिया है। अब सस्पेंड हुआ ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने बाद स्वतः एक्टिव नहीं होगा, बल्कि चालक को पहले अनिवार्य रूप से रिफ्रेशर कोर्स करना पड़ेगा।
नई व्यवस्था 20 अप्रैल से लागू हो चुकी है। इसके तहत यदि किसी चालक का लाइसेंस यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण सस्पेंड किया जाता है, तो उसे दोबारा चालू कराने के लिए अधिकृत ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से रिफ्रेशर कोर्स करना होगा। कोर्स पूरा होने पर जारी प्रमाणपत्र को आरटीओ कार्यालय में जमा करना अनिवार्य रहेगा। सत्यापन के बाद ही लाइसेंस को अनलॉक किया जाएगा।
संदीप सैनी ने बताया कि पहले मोटर वाहन अधिनियम के तहत गंभीर मामलों में लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जाता था और तय अवधि पूरी होते ही वह स्वतः सक्रिय हो जाता था। इससे वाहन चालकों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते थे। लेकिन अब नई गाइडलाइन के तहत बिना रिफ्रेशर कोर्स के लाइसेंस सक्रिय नहीं होगा।
परिवहन विभाग के अनुसार लगातार ट्रैफिक नियम तोड़ने, ओवरस्पीडिंग, खतरनाक ड्राइविंग और अन्य गंभीर मामलों में चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस निलंबित किया जाता है। सरकार का मानना है कि रिफ्रेशर कोर्स से वाहन चालकों को यातायात नियमों की बेहतर जानकारी मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
आरटीओ ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि उन्हें लाइसेंस सस्पेंड होने और रिफ्रेशर कोर्स जैसी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।




