रुद्रपुर/काशीपुर। सर्वाइकल कैंसर रोधी वैक्सीन को लेकर भ्रामक प्रचार करना काशीपुर की एक आशा कार्यकर्ता को भारी पड़ गया। बालिकाओं और उनके अभिभावकों के बीच वैक्सीन को लेकर डर और भ्रम फैलाने के आरोप में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने संबंधित आशा कार्यकर्ता की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संबंधित आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्र में यह अफवाह फैला रही थी कि “सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन लगवाने के बाद लड़कियां भविष्य में मां नहीं बन पाएंगी।” इस तरह की भ्रामक बातों के कारण कई अभिभावकों में डर का माहौल बन गया था और टीकाकरण अभियान प्रभावित होने लगा था। मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर कार्रवाई की।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि सर्वाइकल कैंसर रोधी वैक्सीन वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है। यह वैक्सीन महिलाओं और किशोरियों को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अफवाह फैलाना बेहद गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। ऐसे में टीकाकरण के खिलाफ गलत जानकारी फैलाना समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने बताया कि संबंधित आशा कार्यकर्ता की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। अब ग्राम प्रधान की संस्तुति पर नई आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाएगी, ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण अभियान सुचारु रूप से संचालित हो सकें।



