रुद्रपुर/ऊधम सिंह नगर। जनपद के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का सख्ती से पालन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाली एक शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त पाए गए एक अन्य शिक्षक का प्रशासनिक स्थानांतरण कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय इस्लामनगर प्रथम में कार्यरत एक शिक्षिका की नियुक्ति वर्ष 2024 में हुई थी। हाल ही में विभाग द्वारा कराए गए शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में उनके दस्तावेज फर्जी पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में दो अन्य शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की भी गहन जांच चल रही है।
वहीं दूसरी कार्रवाई जसपुर विकासखंड में सामने आई। 9 मई 2026 को प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राथमिक विद्यालय बढियोवाला का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार विद्यालय अवधि में अनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने प्रधानाध्यापक के साथ मिलीभगत कर समग्र शिक्षा योजना की धनराशि के दुरुपयोग में भूमिका निभाई।
मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने शिक्षक नरेंद्र कुमार का प्रशासनिक स्थानांतरण राजकीय प्राथमिक विद्यालय दौराडामा कर दिया है। साथ ही प्रधानाध्यापक महबूब को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




