सितारगंज, संवाददाता। तिरंगा चौराहे के पास शनिवार सुबह निजी अस्पताल के सामने ई-रिक्शा में अचानक आग लगने से चालक और उसमें सवार महिला गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को आनन-फानन में उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया। घटना के बाद महिला के पिता ने ई-रिक्शा चालक पर साजिश के तहत पेट्रोल डालकर बेटी को जलाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शक्तिफार्म नंबर-1 बैकुंठपुर निवासी 35 वर्षीय पवित्र सरकार पुत्र नारायण सरकार शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे स्कूली बच्चों को छोड़कर ई-रिक्शा से तिरंगा चौराहे की ओर जा रहा था। इसी दौरान रुद्रपुर निवासी सरस्वती मंडल अपने साथी के साथ बाइक से वहां पहुंची। आरोप है कि निजी अस्पताल के पास सरस्वती ने ई-रिक्शा रुकवाया और उसमें बैठ गई। कुछ देर बाद ई-रिक्शा में अचानक तेज आग की लपटें उठने लगीं। पुलिस के अनुसार, महिला के पास एक बोतल भी थी।
आग लगते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग बुझाकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के मुताबिक सरस्वती के चेहरे, मुंह, हाथ, कमर समेत शरीर के कई हिस्से झुलसे हैं, जबकि पवित्र के हाथ-पैर झुलसे हैं।
सरस्वती के पिता दयाल चंद मंडल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी का पति से पारिवारिक विवाद न्यायालय में लंबित है। इसी दौरान उसकी मुलाकात पवित्र से हुई। आरोप है कि पवित्र उसे परेशान करता था और शनिवार को धमकी देकर सितारगंज बुलाया था। पिता ने आरोप लगाया कि पवित्र ने साजिश के तहत पेट्रोल डालकर बेटी को आग लगा दी। बचाव के दौरान सरस्वती ने पवित्र को पकड़ लिया, जिससे वह भी झुलस गया।
एसएसआई जावेद मलिक ने बताया कि तहरीर के आधार पर ई-रिक्शा चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।




