रुद्रपुर (संवाददाता)।
करीब 14 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) गुंजन सिंह की अदालत ने सभी दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कुल 1.20 लाख रुपये के जुर्माने में से 80 हजार रुपये पीड़िता किस्मती देवी को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, घटना 29 मार्च 2012 को थाना रुद्रपुर क्षेत्र के गांव बागवाला में हुई थी। आरोप है कि शेर सिंह ने किस्मती देवी के आंगन में लगा केले का पेड़ काट दिया। इसका विरोध करने पर शेर सिंह अपने साथ अमरजीत सिंह, रविन्द्र, सूर्य नारायण सिंह, विश्वनाथ सिंह, कमलेश, अंगीरा देवी और भागीरथ को लेकर मौके पर पहुंच गया। सभी ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में किस्मती देवी का बायां हाथ टूट गया, जबकि सिर पर भी गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पुत्री रीना के साथ भी अभद्रता की गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों के बयान और चिकित्सीय साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। अदालत ने साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद माना कि अभियुक्तों ने पीड़िता को गंभीर चोट पहुंचाई है। हालांकि, धारा 147, 452, 427, 504 और 326 के आरोप पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सिद्ध नहीं हो सके। इसके चलते अदालत ने इन धाराओं से सभी आरोपियों को बरी कर दिया, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत दोष सिद्ध होने पर दो-दो वर्ष के साधारण कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
सजा पाने वालों में शेर सिंह, कमलेश, अमरजीत सिंह, रविन्द्र, सूर्य नारायण सिंह, विश्वनाथ सिंह, अंगीरा देवी और भागीरथ शामिल हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अर्थदंड की अधिकांश राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी, ताकि उसे न्याय के साथ आर्थिक राहत भी मिल सके।



