1.07 लाख का चालान; परमिट और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई
किच्छा। टनकपुर से लुधियाना जा रही जगदंबा ट्रैवल्स की निजी बस में यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर क्षमता से दोगुने से अधिक सवारियां ले जाने का मामला सामने आया है। शनिवार रात किच्छा में सूरजमल कॉलेज के पास परिवहन विभाग की टीम ने बस को रोककर जांच की तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। 50 यात्रियों की क्षमता वाली बस में करीब 110 यात्री सवार मिले। भीड़ इतनी थी कि यात्रियों के अनुसार एक सीट पर सात से आठ लोगों को बैठाकर सफर कराया जा रहा था।
एआरटीओ हल्द्वानी जितेंद्र कुमार ने बस का 1,07,500 रुपये का चालान किया। इसके साथ ही बस का परमिट निरस्त करने और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद यात्रियों को रात में रुद्रपुर बस स्टेशन लाया गया।
यात्रियों ने बताया कि शुरुआत में एक सीट पर चार-पांच लोग बैठाए गए थे। रास्ते में लगातार सवारियां चढ़ती गईं और बस में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। महिलाओं और बच्चों को भी भारी भीड़ के बीच परेशानी उठानी पड़ी। यात्रियों का आरोप है कि विरोध करने पर संचालकों ने कथित तौर पर कहा कि इसी तरह जाना है तो जाएं, नहीं तो रास्ते में उतर जाएं। यात्रियों ने मनमाना किराया वसूलने का आरोप भी लगाया।
रोडवेज ने संभाली जिम्मेदारी
रविवार सुबह सहायक महाप्रबंधक मधुसूदन मिश्रा के सहयोग से रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई। यात्रियों को रुद्रपुर से बसों के जरिये लुधियाना रवाना किया गया। रोडवेज कर्मचारियों ने क्षमता से अधिक सवारियां ढोने वाली निजी बसों पर सख्ती की मांग की। उनका कहना है कि चंद रुपये के लालच में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।




