रुद्रपुर। खेड़ा स्थित ईदगाह मस्जिद में इमाम को हटाने के फैसले को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया। मस्जिद कमेटी के फैसले के विरोध में सैकड़ों नमाजी सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए और मामला रुद्रपुर कोतवाली तक पहुंच गया। वहां भी दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। विवाद अब वक्फ बोर्ड तक पहुंच गया है।
इमाम समर्थकों का कहना है कि मौजूदा इमाम करीब 18 वर्षों से मस्जिद में नमाज पढ़ा रहे हैं। उनका आरोप है कि कमेटी के 11 सदस्यों ने बिना किसी नोटिस या आरोप पत्र के इमाम को हटाने का फैसला कर लिया। उन्हें 30 सितंबर तक मस्जिद खाली करने के लिए कहा गया। समर्थकों ने कमेटी के इस फैसले को एकतरफा बताते हुए आपत्ति जताई है।
अख्तर अली ने कहा कि मस्जिद कमेटी किसी इमाम को इस तरह एकतरफा तरीके से हटाने का फैसला नहीं कर सकती। उन्होंने मामले को वक्फ बोर्ड के समक्ष रखने की बात कही।
वहीं, कमेटी अध्यक्ष बरकत अली ने इमाम पर किसी तरह का आरोप लगाए जाने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले कुछ हाजी और बुजुर्ग नमाजियों ने नए इमाम की मांग रखी थी। उनका कहना था कि मौजूदा इमाम को लंबे समय से जिम्मेदारी संभाले हुए हैं और अब मुफ्ती इमाम की व्यवस्था की जाए। इसी मांग के बाद कमेटी ने इमाम बदलने का निर्णय लिया।
