संवाददाता, रुद्रपुर।
न्यायालय में जमानत के लिए फर्जी आधार कार्ड इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि एक ही आधार नंबर से दो अलग-अलग नाम और पते के आधार कार्ड तैयार कर एनडीपीएस के दो आरोपियों की जमानत कराई गई। आधार कार्ड की तस्दीक के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पंतनगर पुलिस ने न्यायालय के लिपिक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस के न्यायालय के लिपिक चंद्र सिंह के मुताबिक, 10 अगस्त को एनडीपीएस के आरोपी मोहम्मद हाशिम निवासी कुंडा की ओर से अधिवक्ता रजा ने जमानत संबंधी दस्तावेज न्यायालय में पेश किए थे। जमानतदार के रूप में सलीम खां निवासी भवाली, नैनीताल का आधार कार्ड लगाया गया था। आधार कार्ड का नंबर 727713819324 था।
न्यायालय स्तर से आधार कार्ड की तस्दीक कराई गई तो मामला संदिग्ध मिला। जांच में सामने आया कि इसी आधार नंबर से पहले भी एक अन्य व्यक्ति के नाम का आधार कार्ड इस्तेमाल किया जा चुका है। दोनों आधार कार्डों पर नाम और पते अलग-अलग दर्ज थे, जबकि आधार नंबर एक ही था।
जांच में यह भी सामने आया कि इसी आधार नंबर वाले आधार कार्ड के जरिए 13 मई 2026 को जसपुर निवासी नौशाद उर्फ सुल्ला की भी जमानत कराई जा चुकी है। एक ही आधार नंबर पर अलग-अलग पहचान वाले दो कार्ड मिलने से न्यायालय को गुमराह कर जमानत कराने की आशंका जताई गई है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर असली और फर्जी आधार कार्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आधार कार्ड किसने तैयार कराए और इसके जरिए कितने मामलों में जमानत कराई गई।



