हैरत:: अब उत्तराखंड सीईओ को मिला SIR नोटिस..जानिए पूरा मामला

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देहरादून: उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते हर साल मानसून सीजन के दौरान आपदा जैसे हालात बनते हैं. इन आपदाओं की वजह से कई बार लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. जिसके चलते लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. इसी क्रम में साल 2025 में भीषण आपदा के बाद प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में रह रहे लोगों के दस्तावेज नष्ट हो गए. जिसके चलते एसआईआर के दौरान दस्तावेज न उपलब्ध होना एक बड़ी चुनौती बन रही है. अब ऐसे लोगों के लिए राहत भरी खबर है.

 

आपदा में नष्ट हो गये दस्तावेज, घबरायें नहीं: मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि नोटिस व आपत्तियों के निपटारे के लिए ईआरओ का संतुष्ट होना जरूरी है. आपदा की वजह से अगर किसी का घर आपदा में बह गया, या फिर आपदा की वजह से उसके दस्तावेज भी गायब या क्षतिग्रस्त हो गए हैं तो ईआरओ, संबंधित क्षेत्र के बीएलओ की मदद से ऐसे नोटिस का निपटारा करेंगे. इसमें ईआरओ को इस बात से संतुष्ट होने की जरूरत है कि वो भारत का नागरिक हैं, ताकि जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़ें. साथ ही उन्होंने कहा एसआईआर में ये व्यवस्था है कि एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं के नाम पर आपत्ति जता सकता है. राजनीतिक दलों के बीएलए-2 रोजाना अधिकतम 10 मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.

 

खुद सीईओ को मिला एसआई नोटिस: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत नाम, पते या मैपिंग की गड़बड़ियों को लेकर बड़े स्तर पर लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं. इसमें सिर्फ आम जनता ही नहीं है बल्कि खुद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को भी नाम में त्रुटि होने के चलते नोटिस प्राप्त हुआ है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भ्रम या परेशानी में न आएं. नोटिस के तहत अपना जवाब दें, ताकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण आसान हो सके. उन्होंने कहा प्रदेश के जिन 19.04 लाख मतदाताओं को विसंगतियों की वजह से नोटिस जारी किया गया है. उनमें उनका नाम भी शामिल है. विसंगतियों को दूर करने के लिए उनको प्राप्त नोटिस का जवाब वो संबंधित डॉक्यूमेंट देकर दूर कर सकते हैं.

 

बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए खास व्यवस्था: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोटिसों की सुनवाई के लिए सक्षम अधिकारियों की ओर से लगाता फील्ड विजिट की जा रही है. नोटिस सुनवाई के दौरान मतदाताओं को परेशानी ना हो इसके लिए पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सभी जिलों के डीईओ को निर्देश दिए कि 65 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर पर जाकर जारी नोटिसों की सुनवाई करेंगे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि विसंगति वाले नोटिसों के मामलों में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को बेवजह बूथ पर ना आना पड़े. मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी. पुरुषोत्तम ने कहा वर्तमान में एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस फेज में 24 लाख 30 हजार के सापेक्ष 20 लाख 27 हजार नोटिस मतदाताओं तक पंहुचा दिए गए हैं. 14 जुलाई से 5 अगस्त तक दावे और आपत्तियों के फेज में अबतक फार्म- 6 के 57 हज़ार, फार्म- 7 के 22,668 एवं फार्म- 8 के 26,145 आवेदन बीते 20 दिन में प्राप्त हो चुके हैं. साथ ही बताया कि राजनैतिक दलों से भी एसआईआर को लेकर लगातार फीडबैक लिया जा रहा है. विधानसभा स्तर पर ईआरओ, जिला स्तर पर डीईओ और प्रदेश स्तर पर सीईओ की ओर से नियमित रुप से बैठकें की जा रही हैं.

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