नशे के साम्राज्य पर चला बुलडोजर, हिस्ट्रीशीटर तारा सिंह का अवैध निर्माण ध्वस्त, दो एकड़ सरकारी भूमि कब्जामुक्त, 50 लाख से अधिक कीमत की जमीन कराई गई मुक्त

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नानकमत्ता। नशा तस्करों और संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को नानकमत्ता में प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तारा सिंह के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। सिंचाई विभाग, तहसील प्रशासन, पुलिस, पीएसी और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने नानकसागर बांध क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर करीब दो एकड़ भूमि को कब्जामुक्त कराया। अधिकारियों के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का बाजार मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक है।

पुलिस के मुताबिक डैम बंदा गिधौर निवासी तारा सिंह और उसके परिजनों ने वर्षों पहले सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उक्त परिसर का उपयोग कथित तौर पर स्मैक, हेरोइन और अन्य मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त तथा आपराधिक गतिविधियों के संचालन के लिए किया जा रहा था। मामले की रिपोर्ट सिंचाई विभाग को भेजी गई, जिसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समयावधि में कब्जा नहीं हटाने पर विभाग ने उपजिलाधिकारी खटीमा के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तय की।

शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान परिसर में बनी एक अवैध धार्मिक संरचना (मजार) को भी हटाया गया। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।

पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान का अभियान लगातार जारी है। नानकमत्ता क्षेत्र में अन्य संदिग्ध संपत्तियों का भी सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

इनसेट : अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी तारा सिंह

नानकमत्ता का हिस्ट्रीशीटर तारा सिंह लंबे समय से पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। उसके खिलाफ डकैती, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, वन अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट समेत 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वर्ष 2001 से लेकर 2026 तक उसके नाम पर विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार परिवार के अन्य सदस्य भी नशा तस्करी, आबकारी और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में आरोपी रह चुके हैं। वर्तमान में तारा सिंह जेल में निरुद्ध है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई संगठित अपराध के आर्थिक ढांचे को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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