जिला पंचायत ऊधम सिंह नगर में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब तबादले की शक्ल में सामने आ गई है। करीब 20 साल पहले ड्राफ्टमैन के पद पर नियुक्त हुए और पिछले दो वर्षों से प्रभारी अभियंता की जिम्मेदारी संभाल रहे मोहन सिंह बिष्ट का पहली बार जिले से बाहर तबादला कर दिया गया है। निदेशालय के आदेश के अनुसार उन्हें उनके मूल पद कनिष्ठ अभियंता के रूप में जिला पंचायत बागेश्वर भेजा गया है।
इस तबादले ने जिला पंचायत के गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में ऊधम सिंह नगर जिला पंचायत में अभियंता जफर अंसारी की तैनाती के बाद से ही विभागीय समीकरण तेजी से बदलने लगे थे। माना जा रहा है कि इसी के बाद से विभिन्न गुट सक्रिय हो गए और प्रभारी अभियंता की कुर्सी को लेकर अंदरखाने खींचतान शुरू हो गई।
चर्चाओं के मुताबिक मोहन बिष्ट को जिले में बनाए रखने और जिला पंचायत में वर्षों से कायम प्रभाव को बरकरार रखने के लिए एक मजबूत लॉबी लगातार प्रयासरत है। बताया जा रहा है कि तबादला रुकवाने के लिए उच्च स्तर तक संपर्क साधे जा रहे हैं और कई स्तरों पर बातचीत भी चल रही है।
हालांकि निदेशालय के आदेश के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह लॉबी अपने प्रयासों में सफल हो पाएगी या फिर मोहन बिष्ट को बागेश्वर में नई जिम्मेदारी संभालनी होगी। फिलहाल यह तबादला जिला पंचायत की आंतरिक राजनीति और शक्ति संतुलन को लेकर चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।




