खटीमा। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में तैनात एक महिला सिपाही ने अपने पति समेत तीन लोगों पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने, मारपीट करने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार खटीमा क्षेत्र के दियां गांव निवासी निवलेश राना ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह 10 जून 2014 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार संदीप सिंह राना के साथ हुआ था। विवाह के बाद वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में भर्ती हो गई और वर्तमान में लद्दाख में तैनात है, जबकि उसका पति बेरोजगार है।
पीड़िता का आरोप है कि मोहम्मदपुर भुड़िया गांव निवासी कमलजीत सिंह और दान सिंह राना ने उसके पति को रोजगार दिलाने और आर्थिक लाभ देने का लालच दिया। इसके बाद पति ने ईसाई धर्म अपना लिया। महिला का कहना है कि पति ने बिना उसकी जानकारी के दोनों बच्चों के नाम भी बदलकर यहोशू और एलेक्स रख दिए तथा उन्हें चर्च ले जाने लगा।
महिला सिपाही ने आरोप लगाया कि जब वह ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर पहुंची तो पति उस पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जबरन मोहम्मदपुर भुड़िया ले जाया गया, जहां एक पास्टर द्वारा उसका मतांतरण कराया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने दोनों बच्चों को अपने कब्जे में रखा हुआ है और पास्टर के लिए पैसे की मांग करते हुए रकम न देने पर बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। महिला के अनुसार 19 मई 2026 को उसका पति उसके मायके पहुंचा और माता-पिता व अन्य परिजनों के सामने भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
मामले में एसएसआई केसी आर्या ने बताया कि तहरीर के आधार पर मोहम्मदपुर भुड़िया निवासी कमलजीत सिंह, दान सिंह राना और पीड़िता के पति संदीप सिंह राना के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।




