रुद्रप्रयाग/केदारनाथ। विश्व प्रसिद्ध Kedarnath Temple में इन दिनों आस्था के साथ-साथ व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ओर हजारों श्रद्धालु बर्फीली हवाओं, बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर बाबा केदार के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर धाम में कथित ‘VIP दर्शन’ व्यवस्था ने आम यात्रियों की नाराजगी बढ़ा दी है। यात्रियों का आरोप है कि पैसे लेकर कुछ लोगों को सीधे और जल्दी दर्शन कराए जा रहे हैं, जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
दिल्ली से केदारनाथ यात्रा पर पहुंची महिला श्रद्धालु अनीता खोसला ने आरोप लगाया कि धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर ₹2500 तक लिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक पहले उनसे ₹3000 मांगे गए, बाद में कहा गया कि छह लोगों के समूह के लिए ₹2500 में विशेष दर्शन करवा दिए जाएंगे। महिला यात्री का आरोप है कि मंदिर समिति से जुड़े कुछ लोग और स्थानीय नेटवर्क मिलकर यह व्यवस्था चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैसे देने के बाद भी उन्हें तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
अनीता खोसला ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के वीआईपी गेट के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई श्रद्धालु सुबह तीन बजे से लाइन में खड़े रहते हैं और उन्हें दोपहर या शाम तक दर्शन मिल पाते हैं। सामान्य यात्रियों को तीन अलग-अलग चरणों की कतारों से गुजरना पड़ रहा है, जबकि वीआईपी श्रेणी के यात्रियों को बेहद कम समय में सीधे दर्शन कराए जाने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को उठानी पड़ रही है।
ऊंचाई वाले क्षेत्र में लगातार बदलते मौसम, ठंडी हवाओं और बारिश के बीच घंटों इंतजार से श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ रही है। कई यात्रियों का कहना है कि बाबा केदार के दरबार में दर्शन व्यवस्था समान होनी चाहिए और किसी भी प्रकार का भेदभाव आस्था को आहत करता है।
इस पूरे मामले पर जब रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी Vishal Mishra से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें सामने आई हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यात्रा शुरू होने से पहले Shri Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) की ओर से दावा किया गया था कि इस बार केवल विशेष प्रोटोकॉल वाले लोगों को ही सीमित वीआईपी दर्शन की अनुमति दी जाएगी। हालांकि यात्रा आगे बढ़ने के साथ ही कथित “₹2500 वाली पर्ची” अब श्रद्धालुओं के बीच चर्चा और विवाद का विषय बन चुकी है।
बीते दिनों केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों और कई यात्रियों ने भी वीआईपी दर्शन व्यवस्था का विरोध किया था। धाम में विरोध और नाराजगी के स्वर तेज होने के बावजूद अब तक व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या देवभूमि के सबसे बड़े आस्था केंद्रों में से एक बाबा केदार के दरबार में भी अब आम और खास का फर्क कायम रहेगा, या फिर प्रशासन और मंदिर समिति इस व्यवस्था पर दोबारा गंभीरता से विचार करेगी।



