नई दिल्ली/जयपुर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर देशभर में उठे पेपर लीक विवाद के बीच बड़ा फैसला लेते हुए National Testing Agency (NTA) ने परीक्षा को निरस्त करने की घोषणा कर दी है। अब पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) करेगी। परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों में चिंता और असमंजस का माहौल है, वहीं जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं।
राजस्थान में इस मामले की जांच कर रही Rajasthan Special Operations Group (SOG) की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसओजी के एडीजी Vishal Bansal के अनुसार, एक कथित “गेस पेपर” में दिए गए 410 सवालों में से करीब 120 सवाल असली परीक्षा में आए थे। इसी आधार पर जांच शुरू की गई है। हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने सीकर और जयपुर सहित कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि गेस पेपर बेचने, रकम के लेन-देन और संभावित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। करीब 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। एसओजी की टीमें लगातार सीकर सहित अन्य जिलों में जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
इधर, NTA ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द किया जाता है और पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी गई है। दोबारा परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। अभ्यर्थियों की सहायता के लिए एजेंसी ने हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 और 011-69227700 जारी किए हैं। साथ ही ईमेल आईडी neet-ug@nta.ac.in पर भी संपर्क करने को कहा गया है।
इस पूरे विवाद पर राजस्थान सरकार के मंत्री Kirori Lal Meena ने कहा कि सरकार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि जब यह सामने आया कि कथित गेस पेपर के 320 सवालों में से 120 सवाल असली प्रश्न पत्र से मेल खाते हैं, तो सरकार ने तुरंत परीक्षा रद्द करने और CBI जांच के आदेश देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह राजस्थान का हो या देश के किसी अन्य हिस्से का, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सरकार मामले को दबाने की बजाय तेजी से कार्रवाई कर रही है। उनके मुताबिक बिना देरी के परीक्षा रद्द की गई और तुरंत CBI जांच शुरू कर दी गई। अब देशभर के लाखों अभ्यर्थियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोबारा परीक्षा कब आयोजित होगी और जांच एजेंसियां इस कथित पेपर लीक नेटवर्क का कितना बड़ा खुलासा कर पाती हैं।




