हाईकोर्ट के आदेश से शिक्षा विभाग में हड़कंप, 9 शिक्षक बर्खास्त; फर्जी अर्हता पर मिली थी नौकरी, 5 उर्दू शिक्षकों समेत कई पर गिरी गाज

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हरिद्वार। नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरिद्वार जिले के शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। जिला शिक्षा अधिकारी ने लक्सर ब्लॉक में तैनात 9 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। सेवा समाप्त किए गए शिक्षकों में 5 उर्दू शिक्षक और 4 अन्य विषयों के शिक्षक शामिल हैं।

मामला वर्ष 2018-19 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। उस समय भर्ती के लिए बीएड के साथ स्नातक में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य निर्धारित किए गए थे। बावजूद इसके कई अभ्यर्थियों ने निर्धारित अंकों से कम होने के बावजूद आवेदन कर दिए थे। शिक्षा विभाग ने प्रारंभ में उनके आवेदन निरस्त कर दिए थे।

इसके बाद संबंधित अभ्यर्थियों ने नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के अंतरिम आदेश के आधार पर उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर नियुक्ति दे दी गई थी। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था और संबंधित शिक्षक लगातार सेवाएं दे रहे थे।

मार्च माह में नैनीताल हाईकोर्ट ने मामले में अंतिम निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया कि निर्धारित शैक्षिक अर्हता पूरी न करने वाले अभ्यर्थी नियुक्ति के पात्र नहीं हैं। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर में ऐसे शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

खंड शिक्षा अधिकारी लक्सर विनोद कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद लक्सर ब्लॉक में तैनात 5 उर्दू शिक्षकों समेत कुल 9 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

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