रुद्रपुर। आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को लेकर रुद्रपुर 66 विधानसभा सीट पर सियासी पारा चढ़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट की दावेदारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में, वरिष्ठ भाजपा नेता, राज्य आंदोलनकारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (भाजपा किसान मोर्चा) अनिल चौहान ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए चुनाव मैदान में ताल ठोक दी है।
राज्य आंदोलन से रहा है गहरा नाता
अनिल चौहान ने अपनी दावेदारी के दौरान कहा कि उनका जीवन सदैव संगठन और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके कारण उन्हें फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में 21 दिन तक बंदी भी रहना पड़ा था। क्षेत्र में उनकी पहचान एक संघर्षशील और जमीन से जुड़े नेता के रूप में है।
ग्रामीण विकास और मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि
अनिल चौहान का राजनीतिक अनुभव ग्राम पंचायत से शुरू होकर प्रदेश स्तर तक फैला है:
पूर्व ग्राम प्रधान: उन्होंने ग्राम ‘भूरारानी’ के प्रधान के रूप में सड़क, पेयजल और शिक्षा जैसे बुनियादी ढांचों पर ऐतिहासिक कार्य किए।
पारिवारिक विरासत: उनके बाद उनकी माता विमला चौहान ने भी ग्राम प्रधान के रूप में सेवा की। उनके छोटे भाई सुशील चौहान वर्तमान में पार्षद हैं और सुनील चौहान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं।
संगठन का अनुभव: चौहान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहने के साथ-साथ सहकारी समिति चुनावों में भी अहम रणनीतिक भूमिका निभा चुके हैं।
“कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए लड़ेंगे चुनाव”
विज्ञप्ति के अनुसार, अनिल चौहान का कहना है कि वे किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं और जनता की मांग पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ही महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।




