खान फार्म पर कब्जे को लेकर बवाल, सायरा वाड्रा और नसरीन सांगा आमने-सामने
कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ समर्थकों संग धरने पर बैठे, एसडीएम ने दोनों पक्षों को दस्तावेजों सहित तलब किया
रुद्रपुर/किच्छा। किच्छा के पिपलिया मोड़ स्थित खान फार्म पर कब्जे को लेकर बुधवार को दिनभर हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा ने नसरीन सांगा पर फार्म हाउस पर जबरन कब्जा करने, ताले तोड़ने और सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया। वहीं, नसरीन सांगा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपने दावे के समर्थन में वैध दस्तावेज होने की बात कही। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ समर्थकों के साथ मौके पर धरने पर बैठ गए और प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
सायरा वाड्रा का कहना है कि खान फार्म उनकी दिवंगत बुआ की संपत्ति है, जिन्होंने वर्ष 2024 में पंजीकृत वसीयत के माध्यम से यह संपत्ति उनके और उनके रिश्तेदार सिकंदर आलम खान के नाम कर दी थी। उनका दावा है कि बुआ की मृत्यु के बाद दूसरा पक्ष जबरन फार्म में घुस आया और कब्जा कर लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पक्ष में न्यायालय का स्थगन आदेश (स्टे) मौजूद है, इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया जा रहा।
दूसरी ओर, नसरीन सांगा ने कहा कि उनके पास भी अपने दावे से जुड़े दस्तावेज हैं और पूरे मामले को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले का फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।
विवाद की सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। करीब पांच घंटे तक चले धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर मिलीभगत की जा रही है और प्रशासन दूसरे पक्ष को संरक्षण दे रहा है।
स्थिति को देखते हुए एसडीएम गौरव पांडे ने दोनों पक्षों को शुक्रवार सुबह 11:30 बजे कार्यालय में दस्तावेजों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से अभिलेख देखने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल खान फार्म पर सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।




