रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने चरस तस्करी के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश दीपाली शर्मा की अदालत ने हरीश और अनिल कुमार को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही हरीश पर 1.25 लाख और अनिल कुमार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मामला 18 अगस्त 2021 का है। पंतनगर थाना क्षेत्र में मजार के पास शिव मंदिर के समीप एसओजी टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को देखकर भाग रहे दो संदिग्धों को टीम ने करीब 20 कदम की दूरी पर घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान हरीश पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी बिंदुखत्ता, नैनीताल और अनिल कुमार पुत्र रमेश राम निवासी दोबांस, पिथौरागढ़ के रूप में हुई।
पंतनगर क्षेत्राधिकारी आशीष भारद्वाज की मौजूदगी में तलाशी लेने पर हरीश के कब्जे से 1.505 किलोग्राम और अनिल कुमार के कब्जे से 956.6 ग्राम चरस बरामद हुई। मामले में थाना पंतनगर में एफआईआर संख्या 145/2021 दर्ज की गई थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी दीपक कुमार अरोरा ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। अदालत ने बरामद मादक पदार्थ की चेन ऑफ कस्टडी समेत अभियोजन के साक्ष्यों को विश्वसनीय माना और दोनों को दोषी ठहराया।
अदालत ने हरीश को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और 1.25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर आठ माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं अनिल कुमार को धारा 20(b)(ii)(B) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।
फैसले में अदालत ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी गंभीर अपराध है, जो युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने के साथ समाज और देश के विकास में भी बाधा बनती है।




