रुद्रपुर। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अब हर माह किसान दिवस आयोजित किया जाएगा। सोमवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता समेत किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों ने चीनी मिल के बकाये, जमीन विवाद, सर्विस रोड, कृषि भूमि के विनियमितीकरण, मंडी में किसान भवन और खाद की उपलब्धता समेत कई मुद्दे उठाए। डीएम ने अधिकांश समस्याओं पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
काशीपुर चीनी मिल पर वर्ष 2007 और 2012-13 का किसानों का बकाया होने का मामला सामने आया। डीएम ने सहायक गन्ना आयुक्त को प्रयागराज जाकर न्यायालय में मामले की प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए। निर्णय होने पर किसानों का भुगतान प्राथमिकता से कराने की बात कही। चीनी मिल की करीब 50 एकड़ जमीन परिवार के लोगों के नाम हस्तांतरित किए जाने की शिकायत पर एडीएम पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इसमें एसडीएम काशीपुर और गन्ना अधिकारी शामिल होंगे। समिति को एक माह में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
जसपुर के पतरामपुर भूमि प्रकरण की जांच के लिए भी एडीएम एफआर की अध्यक्षता में समिति बनाई गई। वहीं काशीपुर बाईपास पर बागवाड़ा के पास सर्विस रोड की मांग पर डीएम ने एनएचएआई चेयरमैन को अर्द्धशासकीय पत्र भेजने के निर्देश दिए।
कृषि भूमि के विनियमितीकरण को लेकर डीएम ने कहा कि शासनादेश मिलते ही कैंप लगाकर पारदर्शी तरीके से प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बाजपुर मंडी का किसान भवन तत्काल किसानों को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। ओवरलोडिंग और जाम की समस्या पर एसपी सिटी को मौके का निरीक्षण कर समाधान कराने को कहा गया।
डीएम ने किसानों से धान खरीद शुरू होने से पहले पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर से शुरू होने वाली धान खरीद के लिए पर्याप्त केंद्र खोले जाएंगे। किसानों की मांग के अनुसार यूरिया, डीएपी और एनपीके उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य कृषि अधिकारी को दिए गए।




