अस्पताल से बच्चा ले जाकर बेचने की आरोपी महिला को कोर्ट ने किया दोषमुक्त

काशीपुर। जसपुर के एक अस्पताल से नवजात को ले जाकर बेचने की आरोपी महिला को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। मामला साल 2018 का है, जब मोहल्ला नईबस्ती, जसपुर निवासी साजिया ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

 

साजिया ने बताया था कि 29 सितंबर, 2018 को उसने एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। एक अक्टूबर को उसकी परिचित परवीन, निवासी ग्राम खेड़ा, नवजात को मशीन में रखने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गई और वापस नहीं लौटी। बाद में पता चला कि परवीन ने बच्चे को 25 हजार रुपये में एक निसंतान महिला को बेच दिया था।

 

महिला ने बच्चे को अपनी बीमार भांजी का बताकर सौंपा था। लेकिन जब अगली सुबह अखबार में अस्पताल से बच्चे की चोरी की खबर छपी तो घबराकर खरीदार महिला ने साजिया के घर पहुंचकर बच्चा लौटा दिया।

 

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर परवीन को गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी एसआई जावेद हसन ने परवीन के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 और जेजे एक्ट की धारा 81 के तहत अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

 

प्रथम एडीजे मनोज गर्ब्याल की अदालत में केस की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष की पैरवी अधिवक्ता रहमत अली खान ने की। दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों पर गौर करने के बाद अदालत ने परवीन को दोषमुक्त करार दिया।