24 घंटे में STF का दूसरा बड़ा एक्शन: 3 अवैध तमंचों व कारतूसों के साथ दो हार्डकोर अपराधी गिरफ्तार, यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर सक्रिय गैंग का नेटवर्क ध्वस्त

रुद्रपुर। उत्तराखण्ड में अपराध और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ और रुद्रपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन अवैध तमंचे (.315 बोर) और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेन्द्र वीरत चौधरी पुत्र रामचन्द्र चौधरी निवासी सुभाषनगर डिबडिबा, थाना बिलासपुर जनपद रामपुर (उत्तर प्रदेश) और सुमित राठौर पुत्र जसवन्त सिंह निवासी आजादनगर, थाना ट्रांजिट कैम्प जनपद ऊधम सिंह नगर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश और पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड के आदेश के बाद राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों, अपराधियों और अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसटीएफ की टीमों को सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।

इन्हीं निर्देशों के तहत एसटीएफ और रुद्रपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन अवैध तमंचे और 10 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गैंग से जुड़े हुए हैं।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटों में एसटीएफ ने कुल तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान कुल छह अवैध तमंचे और 21 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307 आईपीसी) सहित गंभीर धाराओं में कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से एक आरोपी रामपुर जनपद के बिलासपुर थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में वांछित भी चल रहा था।

पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इन सुरागों के आधार पर जल्द ही और भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ का मानना है कि इस कार्रवाई से कुमाऊं क्षेत्र में संभावित कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को समय रहते टाल दिया गया है। वहीं पुलिस राज्य में सक्रिय अपराधियों और जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर बनाए हुए है।

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