रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। तीन वर्ष पुराने चर्चित दुष्कर्म और अपहरण मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी, रुद्रपुर की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त अरशद को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
अभियोजन के अनुसार, 14 अगस्त 2023 को काशीपुर कोतवाली में पीड़िता के पिता ने अपनी 19 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अरशद ने युवती को मुंशीराम चौराहे से जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अगवा किया और तीन दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही, फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगाया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पीड़िता और अभियुक्त एक ही दुकान में साथ काम करते थे और दोनों के बीच मित्रता थी। अलग-अलग धर्म होने के कारण सामाजिक दबाव में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कोर्ट में रखी गई।
मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश संगीता आर्य ने साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले। कथित आपत्तिजनक वीडियो या फोटो भी अदालत में प्रस्तुत नहीं किए जा सके। वहीं, पीड़िता के बयान में तीन दिन तक बिना भोजन-पानी और शौचालय न जाने जैसी बातों को न्यायालय ने अस्वाभाविक और अविश्वसनीय माना।
इन सभी तथ्यों को आधार बनाते हुए अदालत ने अरशद को भारतीय दंड संहिता की धारा 366, 376(2) और 506 के तहत लगाए गए सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दिया।




