तीन दिन से पोर्टल बंद, धान खरीद शुरू न होने पर भड़के किसान, 1800 रुपये क्विंटल में धान बेचने को मजबूर, सोमवार तक खरीद शुरू न हुई तो मंडी गेट पर तालाबंदी की चेतावनी

रुद्रपुर। कृषि उत्पादन मंडी समिति में आरएफसी के तीन धान क्रय केंद्र एक अक्तूबर को खोल दिए गए, लेकिन तीन दिन बाद भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। पोर्टल नहीं खुलने से किसानों का पंजीकरण अटका हुआ है। शनिवार को बड़ी संख्या में किसान क्रय केंद्रों पर पहुंच गए और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।

 

किसानों का कहना था कि प्रशासन ने एक अक्तूबर से पहले पंजीकरण शुरू कराने का दावा किया था, लेकिन निर्धारित तिथि निकलने के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। पोर्टल बंद होने से किसान पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं और उनकी फसल मंडी तक पहुंचने के बावजूद सरकारी खरीद का लाभ नहीं मिल रहा है।

 

किसानों ने कहा कि कंपाइन से कटे धान को अधिक समय तक रोकना मुश्किल है। नमी और मौसम के कारण फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। मजबूरी में किसानों को करीब 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि उनकी मजबूरी का फायदा राइस मिलर उठा रहे हैं।

 

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक धान खरीद शुरू नहीं हुई तो मंडी गेट पर तालाबंदी कर धरना दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

 

इस दौरान त्रिलोक सिंह, प्रभजोत सिंह संधू, करमजीत सिंह, जगरूप सिंह गिल, जगजीत सिंह, बहादुर सिंह, अमरेंद्र सिंह ढिल्लों, बुद्ध सेन, सिकंदर सिंह, नरेंद्र, हीरा लाल और सतपाल सिंह मौजूद रहे।