रुद्रपुर। चेक बाउंस के मामले में विशेष न्यायालय एनआई एक्ट (एसीजेएम) की न्यायाधीश रीतिका सेमवाल ने आरोपी सिमरतजीत सिंह को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 15 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार जगतपुरा आवास विकास निवासी दलविंदर सिंह बाजवा ने न्यायालय में परिवाद दाखिल कर बताया था कि आपसी जान-पहचान के चलते सिमरतजीत सिंह ने उनसे अलग-अलग समय में कुल 15 लाख 20 हजार रुपये उधार लिए थे। रकम लौटाने के लिए आरोपी ने कॉर्पोरेशन बैंक, रुद्रपुर का 11 जून 2018 दिनांकित 15.20 लाख रुपये का चेक जारी किया था।
परिवादी ने चेक भुगतान के लिए बैंक में लगाया, लेकिन 22 जून 2018 को खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित हो गया। इसके बाद विधिक नोटिस भेजे जाने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर मामला न्यायालय पहुंचा।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चेक केवल एक लाख रुपये की सुरक्षा राशि के तौर पर दिया गया था। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और बैंक स्टेटमेंट समेत अभिलेखों का परीक्षण किया। कोर्ट ने माना कि अभियुक्त धारा 138 एनआई एक्ट के तहत अपने बचाव में पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।
30 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और तत्काल न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। अर्थदंड की 15 लाख 20 हजार रुपये की राशि परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी, जबकि पांच हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।
