ओलावृष्टि से खेतों में बिछी धान की फसल, गन्ना-मक्का और अमरूद को भी नुकसान, सीएम धामी ने लिया संज्ञान, प्रशासन को नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों की मदद के निर्देश

काशीपुर। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे क्षेत्र में आए तेज तूफान और भारी ओलावृष्टि से धान समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा है। पकने की कगार पर खड़ी धान की फसल प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में जलभराव और फसल को हुए नुकसान से उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। गन्ना, मक्का और अमरूद के बाग भी तूफान और ओलावृष्टि की चपेट में आए हैं।

 

मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलावृष्टि और तूफान से धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा गन्ने, मक्का और अमरूद के बाग भी प्रभावित हुए हैं। धान की फसल लगभग पककर तैयार होने वाली थी। ऐसे समय में बारिश और खेतों में जलभराव से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

 

तूफान से बिजली की लाइनें उखड़ने के साथ कुछ घरों और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे क्षेत्र में जनजीवन के साथ किसानों की आजीविका पर भी असर पड़ा है।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी आपदा आई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता देने का प्रयास करेगी। अब प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किए जाने के बाद प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।